ब्रेकिंग न्यूज़

निर्भया केस: दोषियों को कल सुबह नहीं होगी फांसी, अगले आदेश तक लगी रोक

न्यूज सूत्रो के हवाले से, नई दिल्ली Updated Fri, 31 Jan 2020 05:39 PM

निर्भया के दोषियों की एक फरवरी को होने वाली फांसी टल गई है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने दोषियों के डेथ वारंट पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अदालत ने फांसी की कोई तारीख निश्चित नहीं की है। इस तरह निर्भया के दोषियों की डेथ वारंट जारी होने के बाद दूसरी बार टल गई है।
निर्भया के दोषियों की ओर से पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर कर एक फरवरी को तय फांसी को टालने की अपील की गई थी। गुरुवार को अदालत ने तिहाड़ जेल को नोटिस जारी कर शुक्रवार सुबह अपना पक्ष पेश करने के लिए कहा था। शुक्रवार को जेल के अधिकारियों ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा के समक्ष दायर स्थिति रिपोर्ट में इस याचिका का विरोध किया।

जेल की ओर से बताया गया कि विनय की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित है, जबकि अन्य दोषियों में से किसी की भी अदालत में कोई याचिका लंबित नहीं है। ऐसे में तीन दोषियों पवन, विनय और अक्षय को एक फरवरी को फांसी देने में कोई कानूनी अड़चन नहीं है। तब दोषियों के वकील ने कहा कि जेल मेन्यूअल यही कहता है कि अगर किसी एक दोषी की भी याचिका लंबित है तो बाकी को फांसी नहीं दी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार दया याचिका खारिज होने के बाद 14 दिन दिए जाएंगे। इसलिए किसी को भी फांसी नहीं दी जा सकती है। उन्होंने डेथ वारंट पर अनिश्चित काल तक रोक लगाने की मांग की।

सुनवाई के दौरान मुकेश की वकील वृंदा ग्रोवर के पेश होने पर निर्भया के माता पिता के वकील ने आपत्ति जताई। हालांकि कोर्ट ने वृंदा को बहस करने की इजाजत दी। वृंदा ने कहा कि दोषियों को अलग अलग फांसी नहीं दी जा सकती। सुनवाई के दौरान वकीलों के बीच बहस हो गई, जिसपर जज ने नाराजगी जताई।

निचली अदालत ने 17 जनवरी को मामले में चारों दोषियों मुकेश, पवन, विनय और अक्षय को मौत की सजा देने के लिए दूसरी बार डेथ वारंट जारी किया था, जिसमें एक फरवरी को सुबह छह बजे तिहाड़ जेल में फांसी देने का आदेश दिया था। इससे पहले सात जनवरी को अदालत ने फांसी के लिए 22 जनवरी की तारीख तय की थी।
एक साथ है फांसी देने का नियम
नियमों के मुताबिक, अगर किसी मामले में एक से ज्यादा दोषियों को फांसी दी जानी है, तो किसी एक की याचिका लंबित रहने तक सभी की फांसी पर कानूनन रोक लगी रहेगी। निर्भया केस भी ऐसा ही है, चार दोषियों को फांसी दी जानी है। एक फरवरी को फांसी इसलिए भी नामुमकिन है, क्योंकि किसी भी दोषी को फांसी देने से 14 दिन पहले उसे इसके बारे में बताना जरूरी होता है। मुकेश सिंह के सभी विकल्प खत्म हो चुके हैं, जबकि विनय शर्मा की दया याचिका अभी विचाराधीन है। वहीं अक्षय सिंह के पास दया याचिका का विकल्प है। जबकि पवन गुप्ता के पास सुधारात्मक और दया याचिका दोनों का विकल्प है।

दोषियों के खिलाफ लूट और अपहरण का भी केस
दोषियों के वकील एपी सिंह ने हाल ही में पटियाला हाउस कोर्ट को बताया था कि पवन, मुकेश, अक्षय और विनय को लूट के एक मामले में निचली अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ अपील हाईकोर्ट में लंबित है। जब तक इस पर फैसला नहीं होता जाता, दोषियों को फांसी नहीं दी जा सकती।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close